नई दिल्ली, 13 जून (द वक़्ता ब्यूरो)।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 11 साल पूरे हो चुके हैं। इस दौरान भारत ने कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है, जिनमें एक बड़ा नाम है – रक्षा निर्यात।
वर्ष 2013-14 में भारत का रक्षा निर्यात जहां महज 686 करोड़ रुपये था, वहीं 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार यह बढ़कर 23,622 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। यानी बीते 11 वर्षों में भारत के रक्षा निर्यात में लगभग 34 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
सरकार ने अब 2029 तक रक्षा निर्यात को 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
कैसे बढ़ा भारत का रक्षा निर्यात?
प्रधानमंत्री मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान और ‘मेक इन इंडिया’ पहल ने रक्षा उत्पादन क्षेत्र को नई दिशा दी है। सरकार द्वारा रक्षा क्षेत्र में प्राइवेट कंपनियों को प्रवेश की अनुमति, डीआरडीओ और पीएसयू कंपनियों के सहयोग से विकसित तकनीक, और निर्यात को बढ़ावा देने वाली नीतियों ने इस दिशा में निर्णायक भूमिका निभाई।
वहीं, विदेश नीति के मोर्चे पर सक्रियता और रणनीतिक साझेदारियों ने भी भारत को एक विश्वसनीय रक्षा आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित किया है।
कौन-कौन से देश भारत से खरीद रहे हैं हथियार?
वर्तमान में भारत अर्मेनिया, फिलीपींस, वियतनाम, मॉरिशस, इंडोनेशिया, मिस्र और अफ्रीकी देशों सहित कई राष्ट्रों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है। इनमें शामिल हैं:
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हल्के लड़ाकू विमान (LCA Tejas)
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पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर
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कोस्ट गार्ड जहाज
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सर्विलांस ड्रोन
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गाइडेड मिसाइल सिस्टम
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रेडियो, राइफल और बुलेटप्रूफ जैकेट्स
2029 तक क्या है सरकार की योजना?
भारत सरकार ने 2029 तक रक्षा निर्यात को 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए निम्न कदम उठाए जा रहे हैं:
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एक्सपोर्ट ऑथराइजेशन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है
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निजी कंपनियों को डीआरडीओ की तकनीक उपलब्ध कराई जा रही है
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विदेशी बाजारों में भारत की सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया जा रहा है
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रक्षा उत्पादन में MSMEs की भूमिका को बढ़ावा दिया जा रहा है
विशेषज्ञों की राय:
रक्षा मामलों के जानकार लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) डीएस हुड्डा के मुताबिक,
"भारत की रक्षा कूटनीति अब केवल सामरिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अब आर्थिक और तकनीकी क्षमता का वैश्विक प्रदर्शन बन चुकी है।"
पुराने और वर्तमान आंकड़ों की तुलना:
| वित्त वर्ष | रक्षा निर्यात (₹ करोड़ में) |
|---|---|
| 2013-14 | 686 |
| 2018-19 | 10,745 |
| 2021-22 | 13,000+ |
| 2024-25 | 23,622 |
| 2029 (लक्ष्य) | 50,000 |
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