वन ग्रामों में सर्वे करायेंगे, जो छूट गए हैं, उन्हें भी देंगे पट्टे : मोहन यादव

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वन ग्रामों में सर्वे करायेंगे, जो छूट गए हैं, उन्हें भी देंगे पट्टे : मोहन यादव

भोपाल, 20 जून.  

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वन ग्रामों में भी पट्टे दिए जाएंगे। वन ग्रामों में सर्वे करवाया जायेगा और जो पात्र व्यक्ति छूट गए हैं उन्हें भी ससम्मान पट्टे दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सघन वन मध्यप्रदेश की पहचान है इसलिए वन विभाग प्रदेश की बेजोड़ सघन वन सम्पदा एवं वन्य जीव पर्यटन सुविधाओं में और अधिक विस्तार कर अपनी स्थायी आय के साधन बढ़ाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में वन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में आने वाले पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण बाघ का दिखाई देना है, जो वन विभाग की आय का प्रमुख साधन भी है।

बफर एरिया में जरूरी सुविधाओं का विस्तार करें और विशेषज्ञों की सेवाएं लें। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ वन अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे गुजरात के वनतारा जाएं, उनका वन्य जीव रेस्क्यू सेंटर देखें और मध्यप्रदेश में भी ऐसे ही बड़े रेस्क्यू सेंटर की स्थापना की संभावनाओं पर गहनता से अध्ययन करें।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पदस्थ वनकर्मियों का करेंगे सम्मान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पदस्थापना वाले वनधिकारियों एवं कर्मचारियों को पौष्टिक आहार भत्ता एवं विशेष भत्ता आदि देकर उनका सम्मान किया जाएगा। साथ ही वन सुरक्षा में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले वनकर्मियों को आउट आफ टर्न प्रमोशन देने पर भी वन विभाग विचार कर प्रस्ताव दें।

देश के पांच सर्वोत्तम टाइगर रिजर्व में तीन मध्यप्रदेश के

वन विभाग के अपर मुख्य सचिव ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा देश के सभी टाइगर रिजर्व की ग्रेडिंग की गई थी। देश के पांच सर्वोत्तम टाइगर रिजर्व में से तीन मध्यप्रदेश में हैं। यह गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि गत वित्त वर्ष में देश में 1.67 लाख से अधिक वन पर्यटक टाइगर रिजर्व में आए।

इनमें से 80 हजार से अधिक वन पर्यटक मध्यप्रदेश के तीन टाइगर रिजर्व में आए। उल्लेखनीय मध्यप्रदेश में वर्तमान में 9 टाइगर रिजर्व संचालित हैं। सागर जिले में 258.64 वर्ग कि.मी. वन क्षेत्र में डॉ. भीमराव अम्बेडकर अभयारण्य की स्थापना की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

प्रदेश के वन आवरण में 1390 वर्ग किमी की हुई वृद्धि

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2003 से वर्ष 2023 के दौरान सरकार की वन मित्र नीतियों के कारण मध्यप्रदेश के वन आवरण में कुल 1390 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। वन राजस्व संग्रहण के लक्ष्य 1650 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध गत वित्त वर्ष में 1646.07 करोड़ रुपये राजस्व आय दर्ज की गई है। इसमें से वन समितियों को 189.82 करोड़ का लाभांश भी बांटा गया है। 

4.31 लाख हेक्टे. बिगड़े वन अब अच्छे वन में परिवर्तित हुए

संयुक्त वन प्रबंधन पद्धति के माध्यम से प्रदेश में 4.31 लाख हेक्टेयर बिगड़े वनों को अब अच्छे वन में परिवर्तित कर दिया गया है। प्रदेश के 925 वन ग्रामों में से 792 वन ग्राम, राजस्व ग्राम में परिवर्तित कर दिए गए हैं। संरक्षित क्षेत्र के 66 वन ग्रामों में कार्यवाही की जा रही है। मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड के तहत प्रदेश के पांच स्थलों यथा पातालकोट, नरो हिल्स, अमरकंटक, सिरपुर झील एवं वाल्मी परिसर भोपाल को जैवविविधता विरासत स्थल घोषित किया गया है।

नर्मदा में महाशीर मछली तथा चंबल में कछुए सहित मगर एवं घड़ियाल का प्रजनन केंद्र स्थापना की योजना

उन्होंने बताया कि जलीय जीवों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए नर्मदा नदी में महाशीर मछली तथा चंबल नदी में कछुए तथा मगर एवं घड़ियाल का प्रजनन केंद्र स्थापित करने की योजना है। इसी प्रकार ओंकारेश्वर अभयारण्य तथा ताप्ति कंजर्वेशन रिजर्व एवं सोनेवानी (जिला बालाघाट) में भी कंजर्वेशन रिजर्व की स्थापना की जा रही है। उन्होंने बताया कि वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में इसी साल चीता पुनर्स्थापना की तैयारी भी की जा रही है। 

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