नई दिल्ली, 20 जून.
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के कुप्पम मंडल के नारायणपुरम गांव में एक महिला को साहूकार द्वारा पेड़ से बांधकर सार्वजनिक रूप से पीटे जाने की घटना [ार सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. महिला का कसूर इतना ही था कि उसका पति कर्ज नहीं चुका पाया था।
आयोग ने आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने इस सम्बन्ध में एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है जिसमें बताया गया था कि 16 जून, 2025 को यह घटना घटी. आयोग ने कहा अगर यह घटना सत्य है तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा है।
17 जून 2025 को मीडिया में आई रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता के पति ने करीब तीन वर्ष पहले स्थानीय साहूकार से 80,000 रुपये का कर्ज लिया था लेकिन वह उसे चुका नहीं पाया। उसने गांव के अन्य लोगों से भी कर्ज लिया था। कर्ज न चुका पाने के कारण वह गांव छोड़कर चला गया और तब से उसकी पत्नी दिहाड़ी मजदूरी करके अपना और अपने तीन बच्चों का भरण-पोषण करने के साथ-साथ वह लोगों का कर्ज किश्तों में चुका भी रही है।
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