माजूफल : आयुर्वेद का चमत्कारी खजाना, जानें इसके फायदे और नुस्खे

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माजूफल : आयुर्वेद का चमत्कारी खजाना, जानें इसके फायदे और नुस्खे

 नई दिल्ली, 18 जून।

माजूफल एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक औषधि है। यह ओक के पेड़ों पर कीटों के कारण बनने वाली गॉल्स से बनता है और अपने कसैले, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है। आइए, आसान भाषा में जानते हैं माजूफल के फायदे और इसे इस्तेमाल करने के नुस्खे। 

माजूफल पेट की समस्याओं जैसे दस्त, पेचिश और आंतों के रोगों में राहत देता है। इसका कसैला गुण पेट को मजबूत करता है। माजूफल का पाउडर दालचीनी के साथ मिलाकर लेने से बार-बार शौच और चिपचिपे मल की समस्या कम होती है। रोजाना इसका काढ़ा पीने से पाचन तंत्र मजबूत रहता है।

माजूफल का चूर्ण या काढ़ा मुंह के छाले, मसूड़ों की सूजन और दांतों से खून बहने में कारगर है। इसे फिटकरी या सुपारी के साथ मंजन की तरह इस्तेमाल करें तो मुंह की दुर्गंध और छाले ठीक होते हैं। यह दांतों के दर्द और पायरिया में भी राहत देता है। माजूफल का लेप त्वचा के घाव, मुंहासे, खुजली और झाइयों को ठीक करता है। इसे सिरके के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाने से निशान और झाइयां कम होती हैं। इसके एंटी-माइक्रोबियल गुण त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं।

माजूफल महिलाओं की कई समस्याओं में फायदेमंद है। 100 ग्राम माजूफल, 50 ग्राम जैतून का सूखा फल और 20 ग्राम गुलाबी फिटकरी को पीसकर पाउडर बनाएं। दो-तीन ग्राम पाउडर को सुबह खाली पेट गुनगुने पानी और नींबू के साथ लें। यह ओवेरियन सिस्ट और बच्चेदानी की गांठों को खत्म करने में मदद करता है।

ल्यूकोरिया (सफेद पानी) के लिए माजूफल, लोधरा छाल, चुनिया गोंद, मोचरस, नागकेसर, सूखा सिंघाड़ा और मिश्री को पीसकर पाउडर बनाएं। इसे एक चम्मच सुबह-शाम खाने के बाद लें। यह ल्यूकोरिया को जड़ से खत्म करता है। माजूफल का काढ़ा गरारे करने से गले की खराश और टॉन्सिलाइटिस में आराम मिलता है। बवासीर के दर्द और सूजन में इसका काढ़ा मलद्वार धोने के लिए या लेप के रूप में उपयोग करें। यह जलन और दर्द को कम करता है।

माजूफल रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है और मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद है। इसका चूर्ण या काढ़ा घावों को जल्दी भरता है और रक्तस्राव रोकता है। यह मूत्र मार्ग संक्रमण और बालों के झड़ने में भी असरदार है।

माजूफल का एक-दो ग्राम चूर्ण शहद या पानी के साथ लें। इसका काढ़ा गरारे या योनि धावन के लिए उपयोग करें। गर्भवती महिलाएं इसका उपयोग न करें, क्योंकि यह गर्भपात का खतरा बढ़ा सकता है। अधिक मात्रा में सेवन से कब्ज हो सकता है। माजूफल एक बहुमुखी आयुर्वेदिक औषधि है, जो पाचन, त्वचा, दांत, गले और महिला स्वास्थ्य के लिए वरदान है। सही मात्रा और डॉक्टर की सलाह के साथ इसका उपयोग करें।

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