देहरादून , 15 जून। उत्तराखंड अपनी पारंपरिक खानपान और समृद्ध संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहां पारंपरिक खाद्य पदार्थों को विशेष महत्व दिया जाता है। यहां पर एक नहीं, बल्कि छह तरह के स्वाद वाले नमक का चलन भी है।
अपने-अपने नमक से इश्क़ आखिर क्यों ?
उत्तराखंड के पारंपरिक नमक सिलबट्टे पर हाथ से पीसे जाते हैं, जिससे उनका स्वाद और खुशबू बढ़ जाती है। इनमें विभिन्न प्रकार की जड़ी-बूटियां और मसाले मिलाए जाते हैं, जो इन्हें स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाते हैं। आप अपने घर में सूखा और गीला, दो प्रकार के इस नमक को लंबे समय तक स्टोर करके रख सकते हैं। उत्तराखंड में सबसे प्रसिद्ध हरा नमक है, जिसे उत्तराखंडी चटनी नमक या कुमाऊंनी चटनी नमक भी कहा जाता है। यहां के स्थानीय लोगों की मानें तो यह नमक स्वाद के साथ सेहत का पक्का वादा करता है।
मसालों का मसला
इसको ताजा हरा धनिया, हरी मिर्च, लहसुन, अदरक, जीरा और कभी-कभी पुदीना मिलाकर बनाया जाता है, जो इसे चटपटा और सुगंधित स्वाद देता है। इसका उपयोग सलाद, फल, रायता और नींबू पानी में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है।
अगर आप लहसुन के शौकीन हैं तो उत्तराखंड का लहसुन वाला नमक एक बार जरूर ट्राई करें, यह स्वाद और खुशबू के लिए जाना जाता है। इस नमक को लहसुन, हरी मिर्च और अन्य मसालों के साथ पीसकर तैयार किया जाता है। यह सब्जियों, दालों और सूप में एक अनूठा स्वाद जोड़ता है। अदरक के तीखे और गर्म स्वाद के साथ, यह नमक सर्दियों में विशेष रूप से पसंद किया जाता है।
रंग में भंग नहीं करता भांग वाला नमक
अदरक के साथ हरी मिर्च और अन्य मसाले मिलाकर इसे तैयार किया जाता है। यह नमक भांग के बीज और अन्य मसालों से बनता है। इसका एक विशिष्ट और हल्का मीठा स्वाद होता है, जो इसे सलाद, चटनी और कुछ खास पकवानों में इस्तेमाल करने के लिए उपयुक्त बनाता है।
डैनडूसा नाम का अनोखा नमक
उत्तराखंड में एक डैनडूसा नाम का एक अनोखा नमक मिलता है, यह सरसों और मिर्च के साथ बनाया जाता है और इसका स्वाद तीखा होता है। यह उन लोगों के लिए है जो तीखा पसंद करते हैं।
तिम्मुर (एक प्रकार का पहाड़ी नींबू) के साथ बनाया गया यह नमक एक अनूठा खट्टा और हल्का कसैला स्वाद देता है। यह विशेष रूप से सलाद और फलों पर छिड़कने के लिए अच्छा होता है।
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